Sunday, 10 July 2011

पढ़ाई रोकनेवाले जायेंगे जेल : मृदुला


िुिप्पप
गुमला : विकास भारती विशुनपुर के सभागार में प्राथमिक शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव मृदुला सिन्हा थीं. कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव श्रीमती सिन्हा ने कहा कि शिक्षा में बेहतर सुधार हो, इसमें आप सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है.
इस शिक्षा विभाग रणनीति बनाये और आप अपनी बातों को रखे यह जरी है.आपके दिनचर्या में शिक्षा सबसे ऊपर होना चाहिए.शिक्षा के बाद ही सब कुछ है.शिक्षा ही नहीं हो तो सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती है. अप्रैल 2010 से शिक्षा का अधिकार जैसे कानून लागू हो गया है.अब सभी को पढ़ना है और शिक्षकों को पढ़ाना है.
उन्होंने कहा जो बच्चों को पढ़ने से रोकेगा, वह जेल की हवा खायेगा. उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि गुमला में 12598, लोहरदगा में 12827 व लातेहार में 2007 बच्चे विद्यालय से बारह है. विद्यालयों में मध्या: भोजन, साइकिल, छात्रवृत्ति दी जा रही है.जहां शिक्षक नहीं हैं, वहां पारा शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है.स्कूल के विकास हेतु विद्यालय प्रबंधन समिति व ग्राम शिक्षा समिति बनाये गये हैं. विद्यालयों की निगरानी करना आपकी जिम्मेदारी है.
विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपसभी लोग पहली बार आये हैं. आपसे काफी अपेक्षा और उम्मीद है. पहले गांव के लोग स्कूल जाना नहीं चाहते हैं, लेकिन अब ऐसा बात नही है. अब काफी बदलाव आ गया है. अभिभावक अब अच्छे स्कूल में अपने बच्चों को शिक्षा देना चाहते हैं. शिक्षा पंचायत का विषय हो गया है फिर भी सरकारी स्कूलों की स्थिति बदलाव नहीं आया है. कहीं शिक्षक विद्यालय नहीं आते हैं तो कहीं ठीक ढंग से मिड डे मिल नहीं चलता है. इन सब विषयों पर आपका फोकस होना चाहिए जिससे सुधार हो सके.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक प्राथमिक शिक्षा डीके सक्सेना ने भी शिक्षा से संबंधित बातों का जिक्र करते हुए कहा कि छह वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों की सूची बनायें व देखे की कहां बच्चे पढ़ाई से छूट रहे हैं. गुमला, लोहरदगा व लातेहार से आये जनप्रतिनिधियों ने सुझाव व समस्याओं के संबंध में बारी बारी से अधिकारियों को अवगत कराया. कई प्रतिनिधियों ने कहा कि सबसे पहले अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़ायें, इससे विद्यालय का शिक्षा स्तर अपने आप दुरुस्त हो जायेगा.
शिक्षा विभाग के कोई पदाधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि सरकारी विद्यालयों का क्या हाल है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को अवगत कराते हुए कहा कि विद्यालयों में शिक्षक का ज्यादातर समय मध्या: भोजन व कार्यालय के क्रियाकलाप में ही गुजर जाता है.अभिभावक विद्यालय का निगरानी करें.
कार्यक्रम में निरासी पंचात की जनप्रतिनिधि कुंती देवी, विशुनपुर मुखिया रामप्रसाद बड़ाइक, प्रणव पाठक, शंभू कुमार सिंह, सुषमा केरकेट्टा सहित दर्जनों जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा के संबंध में अपने विचारों को रखा. इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सतवंती देवी, पंचायत समिति सदस्य हंदू भगत, जिला शिक्षा अधीक्षक जयंत कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी का दास, ग्राम शिक्षा समिति सदस्य, विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

सूबे में दमकेगी फूलो की चहक

 गुमला जिले के सुदूर गांव हापामोनी की फूलो देवी बेहद खुश है। उसका आत्मविश्वास देखते ही बनता है। कई अन्य महिलाओं के लिए अब फूलो माडल बन चुकी है, ग्रामीण महिलाएं दीदी से सफलता का राज पूछते अघाती नहीं। गुमला के सुदूर गांव हापामनी में स्ट्राबेरी की खेती, कभी सोचा है आपने, हां यह कर दिखाया है फूलो ने, स्ट्राबेरी ही नहीं, मशरुम, जड़ी-बुटी भी उपजाती है फूलो। अब तो उसे अपने उत्पाद बेचने के लिए रांची भी नहीं आना पड़ता। गांव में ही उसकी स्ट्राबेरी पांच रुपये पीस खरीदने शहर के व्यवसायी पहुंच रहे हैं। ऐसे ही कहानी है महादेव भगत की, अपनी खेत में जड़ी-बूटी उपजाते हैं। वैद्य भी हैं, कुछ जड़ी का इस्तेमाल खुद करते हैं, शेष गांव में ही बिक जाता है।
यह सब कुछ यों ही नहीं हुआ इसके पीछे विकास भारती विशुनपुर और कृषि विज्ञान केंद्र गुमला की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकास भारती के सचिव अशोक भगत कहते हैं कि जब से (1983 से)हम इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं तब से हमने समेकित कृषि विकास पर जोर दिया। केवीके की मदद से टिकाऊ कृषि तकनीक की महज शिक्षा ही नहीं दी, किसानों के द्वारा खेत में तैयार विभिन्न फसलों के माडल भी ग्रामीणों को दिखाया। अब वे सामने आने लगे हैं, और समेकित खेती का महत्व समझने लगे हैं। इसके तहत राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जहां परती जमीन में फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जलों
का टिकाऊ प्रबंधन किया जा रहा है, पेड़ों के बीच की जमीन में रबी व खरीफ फसल लगाए जा रहे हैं। साथ ही पशुपालन और चारा उत्पादन जैसे प्रयास भी चल रहे हैं। इसके साथ ही उत्पाद को बाजार से जोडऩे के लिए कई एजेंसियों को आमंत्रित किया गया है जो किसानों के उत्पाद गांव में खरीद लेते हैं। विकास भारती विशुनपुर की ओर से क्षेत्र के सैकड़ोंं ग्रामीणों को विभिन्न कलाओं व प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अशोक भगत व केबीके के वैज्ञानिक डा. संजय सिंह कहते हैं कि राज्य में जड़ी-बुटी के उत्पादन का उपुयक्त वातावरण है। इसे अभियान के रूप में चला सूबे को ग्रामीणों को नई आर्थिक आजादी दी जा सकती है।
March 10, 2011

सेविकाओं को दंत चिकित्सा का प्रशिक्षण

Koderma जयनगर : सांस्कृतिक भवन में बुधवार को बाल विकास परियोजना व विकास भारती के संयुक्‍त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया. विकास भारती से जुड़े लोगों ने दंत चिकित्सा पर प्रकाश डाला. सेविकाओं को दंत चिकित्सा के बारे में प्रशिक्षण दिया गया.
वाक्‍ताओं ने कहा कि 36 केंद्रों में माता समिति का गठन नहीं हुआ है. इन केंद्रों की सेविकाओं को माता समिति का गठन कर रिपोर्ट कार्यालय को देने को कहा गया. पर्यवेक्षिका पूनम कुमारी ने कहा कि अप्रैल माह के पोषाहार की राशि दो दिन के अंदर जमा करें, ताकि जिला समाज कल्याण से सीधे सेविका व माता समिति के अध्यक्ष के खाता में राशि जा सके.
विकास भारती, सौरभ कुमार व सोना कुमार सिंह ने गृह भ्रमण, गर्भ जांच, बीपी, टीएचआर का वितरण, गर्भवती महिलाओं का वजन लेना आदि के बारे में जानकारी दी. इस मौके पर पर्यवेक्षिका मीना केसरी, कार्यालय सहायक राजीव कुमार, तारा बेला, सेविका खुशबू देवी, ममता सिंह, आशा राय, निर्मला देवी, सविता देवी, विद्या देवी, अनिता देवी, कम निशा, रूपा देवी, कुमारी पूजन, कंचन बाला, चाइना देवी, बेबी देवी आदि सेविकाएं मौजूद थीं.
Prabhat Khabar

हताश 40 आदिवासी छात्राओं को मिली दिशा

 
भास्कर न्यूज
रांची. गरीबी और संघर्षो से जूझते हुए पिछले वर्ष कृपा, स्थेर, बेनार्दित, सोंगो जैसी 40 आदिवासी छात्राओं ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम आया तो उन्हें निराशा हुई। पैसे इतने नहीं थे कि वे दुबारा फार्म भर सके।

मुरहू प्रखंड की इन छात्राओं के परिजनों ने स्पष्ट कह दिया कि पेट काट कर पढ़ाया, अब नहीं पढ़ा सकते। इन हताश छात्राओं की भेंट विकास भारती के शिक्षण संस्थान से जुड़े श्याम किशोर पाठक से हुई। उन्होंने कहा कि आप लोग हिम्मत न हारे, मैं आपको नि:शुल्क पढ़ाऊंगा। यह सुन छात्राएं भावुक हो उठीं। उनकी उम्मीदें जाग गई।

विकास भारती के कार्यकर्ता के सहयोग के आश्वासन के बाद छात्राओं ने भी पूरे मनोयोग से पढ़ाई करने की हामी भरी। इसके बाद श्यामकिशोर पाठक छात्राओं के परिजनों से भी मिले और उन्हें समझाया कि बेहतर भविष्य के लिए पढऩा जरूरी है।

पढ़ेंगी तभी तो जीवन में आगे बढ़ेंगी। परिजन मान गए। इसके बाद छात्राओं को विकास भारती के आवासीय कोचिंग में परीक्षा की तैयारी कराई जाने लगी। पांच अप्रैल से शुरू होनेवाली मैट्रिक की परीक्षा में पुन: छात्राएं शामिल होंगी।

और भी छात्राओं को मिलेगा सहयोग

इन छात्राओं के आवासीय कोचिंग के लिए टाटा कंपनी का आर्थिक सहयोग मिला है। यह सहयोग मिलता रहा तो कई छात्राओं का करियर बनेगा।
श्याम कुमार पाठक, को-ऑर्डिनेटर विकास भारती

पिताजी खेती करते हैं तो परिवार चलता है। जब मैं फेल हो गई थी तो लगा अब पढ़ाई खत्म। लेकिन इनका सहयोग मिला, अब पास होकर दिखाऊंगी।
रजनी टोपनो, छात्रा

घर में बहन और भाई हैं, उन्हें भी पढ़ाना था। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोडऩे की नौबत आ गई थी।
अनिता कुमारी, छात्रा
Ranchi Express 22 February 2011 »

हस्तशिल्प मेला सह प्रदर्शनी का उद्धाटन, शिल्पकारों एवं कारीगरों के विकास के लिये कई योजनाएं : पाणिग्रही

रांची, केंद्र सरकार के हस्तशिल्प मंत्रालय झारखंड के सहायक निदेशक ए.के. पाणिग्रही ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के शिल्पकारों एवं कारीगरों की कला के विकास, विपणन एवं उत्पादन के लिये झारखंड राज्य में हस्तशिल्प एवं वस्त्र मंत्रालय द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है। इसका उद्देश्य बाजार की आवश्यकतानुसार अच्छे किस्म के गुणवत्तापूर्ण सामान लोगों को उपलब्ध कराना है। झारखंड राज्य में प्रतिभावान शिल्पकारों एवं कारीगरों की कमी नहीं है। आवश्यकता है उनकी कला को उभारकर बाजार उपलब्ध कराने की। विकास भारती विशुनपुर तत्परता से इस कार्य में लगा है।
श्री पाणिग्रही विकास भारती विशुनपुर द्वारा 21 फरवरी से दो मार्च तक बिहार क्लब में आयोजित हस्तशिल्प मेला सह प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्धाटन करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजनाएं चलाने के लिये विकास भारती को दायित्व दिया गया है। अंबेदकर हस्तशिल्प विकास योजना में झारखंड के 500 कारीगरों का स्वयं सहायता समूह बनाया गया है। कारीगरों को प्रशिक्षण दिलाकर प्रशिक्षित किया गया है। यह मूल्य आधारित एडिशन है। कारीगरों को आगे की प्रदर्शनी में मौका दिया जायेगा। कारीगरों की कला के विकास के लिये उनका उत्साहवर्ध्दन भी किया जा रहा है। श्री पाणिग्रही ने कहा कि झारखंड में 9000 कारीगरों को पहचान पत्र दिया गया है। 2010-11 में 5000 पहचान पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अंबेदकर हस्तशिल्प विकास योजना, शिल्पियों के लिये कल्याणकारी योजना, जनश्री बीमा योजना, राजीवगांधी हस्तशिल्प स्वास्थ्य बीमा योजना, राजीव गांधी हस्तशिल्प बीमा योजना सहित कारीगरों के लिये कई योजनाएं चलायी जा रही है।
नावार्ड के उपमहाप्रबंधक डा.के.सी. पाणिग्रही ने कहा कि नाबार्ड द्वारा हेंडलूम एवं ग्रामीण विकास के सभी कार्यक्रम चलाये जाते हैं। ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत कारीगरों एवं हस्तशिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट का कार्य करने के लिये बैंक द्वारा ऋण की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। झारखंड में 10 हजार कारीगरों को प्रशिक्षित किया गया है। डा. पाणिग्रही ने कहा कि नाबार्ड द्वारा झारखंड में वर्ष 2009-10 में एक करोड़ 10 लाख रुपये एवं वर्ष 2010-11 में एक करोड़ 30 लाख रुपये निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि कारीगरों की सुविधा के लिये सभी प्रकार के कार्य किये जाते हैं। विकास भारती विशुनपुर के सचिव अशोक भगत ने कहा कि स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ताकि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वे अधिक उत्पादन कर सके। श्री भगत ने कहा कि इस वर्ष 25 प्रदर्शनी लगाये गये हैं। इसके ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है तथा कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को विपणन के लिये एक मंच मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय प्रदर्शनी सह बिक्री मेले का प्रायोजक एवं विकास भारती विशुनपुर आयोजक है। विकास भारती विशुनपुर के मीडिया संयोजक विनय ने बताया कि 10 दिवसीय प्रदर्शनी में 15 स्टाल होंगे।

विकास भारती का स्थापना दिवस संपन्न

 




बसिया (गुमला)। Feb 01 - बसिया प्रखंड मुख्यालय स्थि्त एन.एच.पी.सी सभागार में रविवार को विकास भारती का 28 वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विकास भारती के कार्यकर्ताओं के साथ साथ सहिया कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ नाच गाने एवं वाद विवाद का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष जगत मोहन देवघरिया ने कहा कि विकास भारती ने शिक्षा, आवास, वस्त्र, प्रशिक्षण और कृषि के माध्यम से आज गांव के अंतिम व्यक्ति के चौखट तक पहुंच गयी है। इस संदर्भ में गत 28 वर्षो से विकास भारती के कार्यकर्ताओं के प्रयास को एक तपस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि आज जीवन तभी परिपूर्ण माना जा रहा है जब विकास भारती का नाम आपसे जुड़ा हुआ है। ऐसी उपलब्धि विरले ही किसी को मिलती है और जब मिलती है। तो इसके लिए तपस्या को ही बड़ा कारण माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज यह कोई एक संस्था न होकर पूरा आंदोलन बन चुका है और इस आंदोलन को क्रांति में बदलने के लिए समाज के एक-एक व्यक्ति इसके साथ लाने की जिम्मेवारी सभी लोगों पर है। इस कार्यक्रम को विकास भारती के अभियंता पंकज कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक सुनील कुमार, प्रमोद पति, राजू पासवान, अनीता देवी, सुकरा खडि़या सहित विकास भारती गोद लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही सुगन्ती कुमारी ने भी संबोधित किया।

गरीबों के बच्चे को शिक्षा व भोजन मिलना ही विकास

Jagran 14 Jan 2011

 

बिशुनपुर(गुमला): लोगों के पास मोबाइल, घड़ी या गाड़ी हो जाय तो लोगों का विकास मेरी नजरों में नहीं हो पाया है। मैं तब समझूंगा कि लोगों का विकास हो रहा है जब गांव के गरीब से गरीब व्यक्ति जो बिल्कुल अंतिम पायदान पर खड़ा है, उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और उनको खाने के लिए अनाज मिल सके। यह बातें विकास आयुक्त सुशील कुमार चौधरी ने कहीं।
श्री चौधरी विकास भारती के 28 वें स्थापना दिवस पर अंबेडकर सभागार में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य मित्र योजना का शुभारंभ व अद्दी युवा विकास क्लबों का सम्मान समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
श्री चौधरी ने विकास भारती को अपने 28 वें वर्ष पूरा करने की बधाई देते हुए कहा कि इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंत्योदय व अन्नपूर्णा योजना सरकार द्वारा चलाई जा रही है। अंत्योदय का मतलब गांव के अंतिम से अंतिम व्यक्ति का उदय करना है तथा अन्नपूर्णा का मतलब वैसे ही परिवारों के बीच अन्न कि पूर्ति हो। जिसके घर में खाने के अनाज नहीं हैं। जब यह सारी बातें लागू हो जायेंगी तब यह समझा जायेगा कि सचमुच विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सड़क, बिजली, टेलीफोन व पंचायत भवन नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास भारती द्वारा सचमुच में विकास का कार्य किया जा रहा है। क्योंकि विकास भारती ग्राम स्वास्थ्य मित्र जैसे कई महत्वपूर्ण योजनाएं गांव के अंतिम से अंतिम व्यक्ति के लिए चला रही है। श्री चौधरी ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से संस्था द्वारा कृषकों को आधुनिक तरीकों से खेती करने की सलाह दी जा रही है। जिससे किसान कि आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव का होना विकास के लिए एक शुभ संकेत है। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि निर्वाचित सदस्यों को ईमानदारी से काम कर विकास लक्ष्य को हासिल करना होगा।
मौके पर गुमला उपविकास आयुक्त पुनई उरांव ने कहा कि बिशुनपुर में विकास का काम बहुत अच्छा हुआ है और हमें और बेहतर करने की आवश्यकता है।
विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने कहा कि संस्था ने ग्राम स्वास्थ्य मित्र की कल्पना करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के पढ़े लिखे युवक-युवतियों को तीन महीने का प्रशिक्षण दिया है। जो गांवों में रहकर लोगों की छोटी मोटी बीमारी का इलाज करेंगे। विकास आयुक्त और संस्था के सचिव ने संयुक्त रूप से ग्राम स्वास्थ्य मित्रों को स्वास्थ्य कीट और प्रमाण पत्र तथा युवाओं को दरी और तिरंगा झंडा देकर सम्मानित किया। महामना मालवीय व्याख्यान माला (जिम खाना) और गौशाला का भी उद्घाटन किया गया। संस्था के संयुक्त सचिव कमलाकांत पांडेय ने विकास आयुक्त को सम्मानित किया। इस अवसर पर बीडीओ हरि कुमार केसरी, भिखारी भगत, शुक्का बृजिया, धनेश्वर उरांव, किनवा उरांव, अजित उरांव, आदित्य राणा आदि उपस्थित थे।

 

आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे नर्सरी स्कूल : विमला प्रधान

 रांची, 1 जून 2011- राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित किये जायेंगे, जहां पोषाहार के साथ बच्चों की पढ़ाई की भी व्यवस्था होगी। उक्त बातें राज्य की समाज कल्याण मंत्री श्रीमती विमला प्रधान ने आज विकास भारती विशुनपुर द्वारा आरोज्य भवन परिसर में आयोजित पंचायतों में बाल संरक्षण, पोषाहार एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तीकरण में पंचायतों की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद में कही। श्रीमती प्रधान ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की देखरेख में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। इसलिये जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में कम योग्यता वाली सेविका हैं उन केंद्रों में उच्च योग्यताधारी सेविकाओं का चयन ग्रामसभा के द्वारा किया जायेगा ताकि वे बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ा सके। श्रीमती प्रधान ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्री-मेडिकल किट एवं प्री स्कूलिंग किट दिये जायेंगे जहां प्राथमिक उपचार के साथ किताब एवं खेल सामग्रियां होंगी। श्रीमती प्रधान ेन कहा कि प्रत्येक केंद्र में तुरंत तैयार कर प्रोटीनयुक्त पोषाहार दिया जायेगा। उन्होंने नि:शक्तों को दिये जाने वाली विवेकानन्द सहयोग राशि भी दो सौ रुपये से बढ़ाकर चार सौ रुपये करने की बात कही। इस अवसर पर समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डा.राजीव अरुण एक्का ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिये नर्सरी स्कूल की तरह तैयार किया जायेगा। रांची के उपायुक्त के.के. सोन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की अनियमितता समाप्त करने के लिये गांव के सभी बच्चों को केंद्र में भेजने के लिये पंचायत प्रतिनिधियों को पहल करनी होगी। इसके साथ ही सभी को पोषाहार मिले, यह भी सुनिश्चित करना होगा। श्री सोन ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे गांवों की समस्याओं के लिये हमारे कार्यालय या आवास पर सूचनाएं दर्ज करा सकते हैं। इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने कहा कि विकास भारती ने गांवों के विकास के लिये पंचायत चुनाव और उनको अधिकार दिलाने के लिये पूरे राज्य में आंदोलन चलाया। अब पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देकर उनके अधिकार और कर्तव्य तथा गांवों की विकास योजना तैयार करने के लिये राज्य सरकार के सहयोग से प्रखंड स्तर तक प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक मजबूत करने के लिये शासन, प्रशासन तथा पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिये आज के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें रांची एवं खूंटी जिले के 700 प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक एनपी मिश्रा, डा.नीरज ने भी विचार व्यक्त किये। विकास भारती के उपाध्यक्ष डा.अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया जबकि मंच का संचालन श्रीमती रंजना चौधनी ने किया।
Ranchi Express 1 July 2011 »

हूल : अंग्रेजों के साथ लड़ा गया युध्द था, विद्रोह नहीं : शिवशंकर

रांची, हूल दिवस के अवसर पर विकास भारती, बिशुनपुर के राज्य स्तरीय कार्यालय में श्रध्दांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सन् 1855 के संथाल हूल के महान शहीद सिध्दो-कान्हू, चान्द-भैरव के नेतृत्व में हजारों गुमनाम शहीदों की शहादत को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर ट्राइबल स्टडी सेंटर, विकास भारती के निदेशक, शिवशंकर उरांव, जनशिक्षण संस्थान विकास भारतीय बिशुनपुर के फील्ड आफिसर बंधन हेम्ब्रोम (दीपू मुण्डा) एवं विकास इंस्टीट्यूट के निदेशक सुनील राय ने वीर शहीद द्वय की विकास भारती परिसर में अवस्थित प्रतिमा पर पुष्पार्पण किया। इस अवसर पर विकास भारती संचालित सभी परियोजनाओं के कार्यालीय कार्यकर्ता उपस्थित हुए और सिध्दो-कान्हु भाइयों की प्रतिमा पर पुष्पार्पण कर अन्य गुमनाम शहीदों को भी श्रध्दांजलि दी। उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए शिवशंकर उरांव ने बताया कि संताल हूल को इतिहासकारों और अंग्रेजों ने जानबूझकर ‘संताल विद्रोह’ का नाम दिया। लेकिन सच्चाई यह है कि यह झारखण्डी आदिवासियों और संतालों के द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ लड़ा गया युध्द था। इस युध्द में संताल परगना के संताल ही नहीं झारखण्ड के अन्य इलाकों के आदिवासी योध्दाओं ने भी भाग लिया था। झारखण्ड के आदिवासियों ने कभी भी अंग्रेजों की दास्ता और अंग्रेजी शासन को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा संताल युध्द का परिणाम यह निकला कि दामिन-ई-कोड और संपूर्ण संताल परगना इलाके के लिए युध्द संधि के रूप में संताल परगना शिड्यूल डिस्ट्रिक्ट एक्ट और उनकी जमीन जायजात एवं परम्परा की सुरक्षा के लिए एस.पी.टी. एक्ट बना। इस युध्द का मूल कारण संतालों की अपनी शासन व्यवस्था मांझी परगनैत, जल, जंगल, जमीन और उनकी परम्पराओं पर अंग्रेजों के द्वारा छेड़छाड़ और उनपर अप्रतिम शोषण तथा अत्याचार करना था। झारखण्ड में अंग्रेजों ने आदिवासियों से पहले तो युध्द किया और जब वे कमजोर पड़े तो युध्द कर लिया। कोल्हान के ‘हो’ आदिवासियों के द्वारा अंग्रेजों के साथ लड़े गए युध्द के बाद 1831 में संधि के रूप में विल्किन्सन रूल बना। भगवान बिरसा मुण्डा के उलगुलान के परिणामस्वरूप ही संधि के रूप में सी.एन.टी. एक्ट, 1908 में बनाना पड़ा। आज का यह झारखण्ड उसी अबुआ राज की परिकल्पना और आह्वान का प्रतिफल है। इसलिए हमें ऐसे वीर शहीदों की शहादत को नमन करना चाहिए और उनसे प्रेणा लेनी चाहिए कि अन्याय और अत्याचार के साथ-साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है। भ्रष्टाचार मुक्त झारखण्ड की स्थापना में अपनी महती भूमिका निभानी है। इस अवसर पर श्रीमती रंजना चौधरी (निदेशक, विस्तार परियोजना) शोभा पाण्डेय, दीपक शर्मा, विनय कुमार, उर्मिला पाण्डेय, अजीत सिन्हा, सुमीत प्रकाश, बसन्त ओहदार, सिध्दनाथ राय, पंकज राय, नुसरत परवीन, आरती कुमारी, तनुजा, नीतू सिन्हा, बिपिन उरांव, महेन्द्र छावड़ा, विजेन्द्र शर्मा आदि सभी कार्र्यकत्ता उपस्थित थे।

सेव द चिल्ड्रेन झारखण्ड के बच्चों के लिए काम करेगी

Ranchi Express 7 June 2011

विकास भारती ने पानी की पड़ताल शुरू की

रांची, जल संकट से पूरा राज्य जूझ रहा है। लगातार पेड़ों की कटाई ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम स्वराज मंच विकास भारती विशुनपुर ने पानी पड़ताल शुरू की। इसके अन्तर्गत राज्य के 16 जिलों के 64 प्रखंडों में 392 पंचायत केन्द्रों में यह अभियान चलाया जायेगा। गांवों में पानी के स्रोतों तथा परम्परागत स्रोतों के साथ पानी के लिए किये जा रही सरकारी पड़ताल के लिए 392 पंचायत केन्द्रों में संकल्प सभा का आयोजन किया गया। राज्य सरकार द्वारा पंचायतों में कूप निर्माण कार्य की भी जानकारी ग्राम स्वराज्य मंच इकट्ठा कर रहा है।
11 जून को गंगा दशहरा के अवसर पर राज्य के 2000 गांवों में नदी पूजन कार्यक्रम मंच करवाने जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से मंच लोगों को पानी बचत के लिए जागरुक करेगा। मंच के ग्रामीणों से अपील की कि खेत का पानी खेत में रोके। विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्य में तीन जुलाई से 20 जुलाई तक सामूहिक पौधा रोपण अभियान चलाये जाने का निर्णय लिया गया है। मंच के मीडिया प्रभारी विनय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 15000 गांवों में संपर्क किया जायेगा। साथ ही मलेरिया और डायरियारोधी अभियान भी शुरू किया जायेगा।
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