आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे नर्सरी स्कूल : विमला प्रधान
रांची, 1 जून 2011- राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित किये जायेंगे, जहां पोषाहार के साथ बच्चों की पढ़ाई की भी व्यवस्था होगी। उक्त बातें राज्य की समाज कल्याण मंत्री श्रीमती विमला प्रधान ने आज विकास भारती विशुनपुर द्वारा आरोज्य भवन परिसर में आयोजित पंचायतों में बाल संरक्षण, पोषाहार एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तीकरण में पंचायतों की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद में कही। श्रीमती प्रधान ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की देखरेख में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। इसलिये जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में कम योग्यता वाली सेविका हैं उन केंद्रों में उच्च योग्यताधारी सेविकाओं का चयन ग्रामसभा के द्वारा किया जायेगा ताकि वे बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ा सके। श्रीमती प्रधान ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्री-मेडिकल किट एवं प्री स्कूलिंग किट दिये जायेंगे जहां प्राथमिक उपचार के साथ किताब एवं खेल सामग्रियां होंगी। श्रीमती प्रधान ेन कहा कि प्रत्येक केंद्र में तुरंत तैयार कर प्रोटीनयुक्त पोषाहार दिया जायेगा। उन्होंने नि:शक्तों को दिये जाने वाली विवेकानन्द सहयोग राशि भी दो सौ रुपये से बढ़ाकर चार सौ रुपये करने की बात कही। इस अवसर पर समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डा.राजीव अरुण एक्का ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिये नर्सरी स्कूल की तरह तैयार किया जायेगा। रांची के उपायुक्त के.के. सोन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की अनियमितता समाप्त करने के लिये गांव के सभी बच्चों को केंद्र में भेजने के लिये पंचायत प्रतिनिधियों को पहल करनी होगी। इसके साथ ही सभी को पोषाहार मिले, यह भी सुनिश्चित करना होगा। श्री सोन ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे गांवों की समस्याओं के लिये हमारे कार्यालय या आवास पर सूचनाएं दर्ज करा सकते हैं। इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने कहा कि विकास भारती ने गांवों के विकास के लिये पंचायत चुनाव और उनको अधिकार दिलाने के लिये पूरे राज्य में आंदोलन चलाया। अब पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देकर उनके अधिकार और कर्तव्य तथा गांवों की विकास योजना तैयार करने के लिये राज्य सरकार के सहयोग से प्रखंड स्तर तक प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक मजबूत करने के लिये शासन, प्रशासन तथा पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिये आज के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें रांची एवं खूंटी जिले के 700 प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक एनपी मिश्रा, डा.नीरज ने भी विचार व्यक्त किये। विकास भारती के उपाध्यक्ष डा.अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया जबकि मंच का संचालन श्रीमती रंजना चौधनी ने किया।
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